गुर्जर समाज के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने नही आया गुर्जर समाज का कोई बड़ा नेता

0
627

साथियों राम राम
सबसे पहले समाज की उन्नति एवं बेहतर भविष्य के लिए कुर्बानी देने वाले 73 योद्धाओं को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि मुझे क्या पूरे समाज के लिए बड़े दुख का विषय है जब श्रद्धांजलि देने वाले लोगों को पत्थरों पर मालाए और फूल अर्पित करते हुए देखता हूं तो मन बड़ा विचलित हो जाता है साथियों ऐसा पहली बार नहीं हो रहा हर मई के महीने में गुर्जर समाज के शहीदों के साथ व उनके परिवारों के साथ अन्याय सा महसूस होता है। मैंने बहुत अच्छे से महसूस किया है गुर्जर आरक्षण आंदोलन की आड में बहुत सारे लोगों को मैंने उस हालत में देखा है जो आज और उनके अतीत में बहुत फैसला पैदा करती है

आंदोलन के समय पर आप एक छोटा सा क्लीनिक चलाते थे जो आज एक बहुत बड़े हॉस्पिटल का मालिक बनकर बैठा है और कई लोग जो मोटरसाइकिल का चालान पेश करते थे आज वह बहुत बड़े एडवोकेट बनकर बैठे हुए हैं और कई लोग जो सरपंच तक नहीं बनते गुर्जर आरक्षण आंदोलन की आड़ में पार्टियों के तलवे चाटते हुए एमपी एमएलए बन गए कई लोग गांव में झाडे भभूत करते थे वह लोग आज तरह-तरह के साफा और कुर्ते बदलते नजर आ रहे हैं और आज आप सब लोग समाज और इन शहीदों को भूल गए जिस समाज की एकता की मिसाल और कुर्बानियों का इतिहास इन्हीं के पीछे याद किया जाता है
किसी ने गाड़ी किसी ने बंगला,किसी ने कॉलेज, स्कूल ,बड़ी बड़ी गाड़ियां और ऊंचा नाम कमा लिया लेकिन इन शहीदों को आज भी इन्ही पत्थरों पर पुष्प अर्पित करने पड़ रहे हैं।।
यहाँ भी कुछ बदलाव जरूरी है साहब तब होगी सच्ची श्रद्धांजलि।।
कड़वी जरूर है मगर है सच हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here