जलवायु संकट पर वैज्ञानिको ने कहदी बड़ी बात

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भारत के कई हिस्सों में कल से भारी बारिशनदिया उफान पर –

भारत के कई हिस्सों में कल से भारी बारिश हो रही है। मौसम के चलते कई नदिया उफान पर है जिसके चलते सयुक्त राष्ट्र की तरफ से कल एक रिपोर्ट जारी हुई थी जिसमे उन्होंने बताया कि प्रथ्वी की सतह इतनी गर्म होती जा रही है की कही भगाने की जगह नही, जलवायु संकट पर वैज्ञानिको ने चिंता जताई है                                                                                                                                                                               तापमान उस सीमा के पार पहुंच गया ,जो मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है वैज्ञानिको ने इसे “मानवता के लिए कोड रेड” करार दे दिया है।अमेरिका के वायुमंडलीय अनुसंधान के वरिष्ठ वैज्ञानिक “लिंडा मर्न्स” ने कहा की इस बात की गारंटी है की हालत और ज्यादा बिगड़ने वाले हैं उन्होंने बताया कि उनकी खोज में ऐसा कोई क्षेत्र नही जहा मानव सुरक्षित है, कही छिपने की गुंजाइश नहीं है”

                                                                                                                                    जलवायु संकट पर वैज्ञानिको ने चिंता जताई-                                                                                                                                                                                                             यह रिपोर्ट पहली बार 2013 में जारी हुई थी ।जिसकी तुलना में 21वी सदी के लिए ज्यादा गर्मी की भविष्यवाणी करती है पेरिस जलवायु समझौते पे 2015 में 200 से भी ज्यादा देशों ने हस्ताक्षर किए थे। जिसमे उन्होंने जलवायु पर अपनी सहमति व्यक्त की थी कि वैश्विक तापमान को दो डिग्री सेल्सियस से कम रखना है। यह सीमा मौजूदा की तुलना में एक डिग्री का दसवां हिस्सा है।क्योंकि पिछली डेढ़ सदी में दुनिया पहले ही लगभग 1.1 डिग्री सेल्सियस गर्म हो चुकी है रिपोर्ट कहती हैं की किसी भी सूरत में दुनिया 2030 के दशक में 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के आंकड़े को पार कर लेगी।जो पहले के अनुमानों से काफी अधिक है आंकड़े बताते हैं की हाल ही के वर्षो में तापमान बड़ा है |

रिपोर्ट में बताया गया है की वायुमंडल में तापमान बड़ने के कई कारण हैं जिनमे से कम कठोर पेरिस लक्ष्य_बेहद व्यापक लू के थपेड़ो के साथ, सूखे ओर भारी बारिश की वजह से बाढ़ आदि मुख्य कारण है। यह रिपोर्ट लगभग 300 पन्नो से ज्यादा की है।और इसे 234 वैज्ञानिकों ने तैयार किया.इसमें बताया गया है की तापमान से समुंद्र स्तर बढ़ रहा है।

बर्फ का दायरा सिकुड़ रहा है तथा प्रचंड़ लू, सूखा , बाढ़ और तूफान की घटना ज्यादा बढ़ रही है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है लिए अगर आपको इस बात का उदाहरण दिया जाय तो जिस तरह की प्रचंड लू पहले प्रत्येक 50 वर्षो में एक बार आती थी अब वह हर दशक में एक बार आ रही है और अगर दुनिया का तापमान एक और डिग्री सेल्सियस (1.8 डिग्री फारेनहाइट) ओर बढ़ जाता है तो हालत और गंभीर रूप से बिगड़ जायेगे।

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